भूगर्भ जल विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

रिचार्ज पिट विधा के लिए मॉडल डिजाइन

रिचार्ज पिट विधा ऐसे एल्यूवियल क्षेत्रों (मैदानी भूभाग) के लिए सबसे उपयुक्त है, जहाँ बलुई स्ट्रेटा (permeable strata) जमीनी सतह से अपेक्षाकृत कम गहराई पर 2 से 2.5 मीटर पर हो।

यह तकनीक लगभग 100 वर्ग मी0 क्षेत्रफल वाली छत के लिए सामान्यतः उपयुक्त है तथा इसका निर्माण उथले भूजल धारक स्टेªटा (shallow aquifers) को रिचार्ज कराने के लिए किया जाता है। बड़े क्षेत्रफल वाली छतों के लिए उपलब्ध वर्षा जल की मात्रा की गणनाकर रिचार्ज पिटस् निर्मित की जा सकती है।

रिचार्ज पिट किसी भी shape व size की हो सकती है और यह सामान्यतः 1 से 2 मी0 चौड़ी व 1.5 से 2 मी0 गहरी अथवा बलुई स्ट्रेटा की उपलब्धता के अनुसार निर्मित की जाती है। इस संरचना में बोल्डर (5 से 20 मि0मी0), बजरी (5 से 10 मि0मी0) व मोटी बालू/मौरंग (1.5 से 2 मि0मी0) की परतों से graded form में भरा जाता हैं। बोल्डर तली पर, बजरी बीच में व मोटी बालू सबसे ऊपर भरी जाती है, ताकि run-off के साथ आने वाली silt मोटी बालू अथवा मौरंग की परत के ऊपर जमा हो जाए और जिसे बाद में आसानी से हटाया जा सके। अपेक्षाकृत कम क्षेत्रफल वाली छत के लिए रिचार्ज/परकोलेशन पिट को ईंटों के टुकड़ों या कंकड़ इत्यादि से भी भरा जा सकता है। छत से जल निकासी के स्थान पर जाली लगानी चाहिए ताकि पत्ते या अन्य ठोस पदार्थ को पिट में जाने से रोका जा सके। सिल्ट रोकने के लिए सतह पर एक desilting/collection chamber भी बनाया जा सकता है जो महीन कण वाले पदार्थों को रिचार्ज पिट की तरफ बहने से रोक सके।

अत्यधिक बारिश की स्थिति में प्रत्येक रिचार्ज पिट में ‘ओवर फ्लो’ प्रणाली की व्यवस्था की जाये। रिचार्ज दर को बनाये रखने के लिए ऊपरी बालू/मौरंग की परत को समय समय पर साफ करना चाहिए।

जल इकट्ठा करने वाले कक्ष (water collection chamber) से पहले प्रथम वर्षा के जल को ओवर फ्लो कराने के लिए अलग से by-pass व्यवस्था होनी चाहिए।

रिचार्ज पिट एक सस्ती व आसान रिचार्ज संरचना है। भवन निर्माण के समय ही इस संरचना का प्राविधान किये जाने से लागत भी बहुत कम आती है और सही नियोजन से रिचार्जिंग की भी समुचित व्यवस्था की जा सकती है। अन्य तकनीकों की अपेक्षा यह सर्वाधिक सुरक्षित है । इसलिए इसे अधिक से अधिक अपनाया जाना चाहिए।