Ground Water Department

Government of Uttar Pradesh

Ground Water and Landscape resources in brief

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में भूजल स्तर गिरावट की स्थिति (वर्ष 2002 - 2012)

ग्रामीण क्षेत्रों में बीते 10 वर्षों में प्री मानसून अवधि में भूजल स्तर में तुलनात्मक गिरावट के अनुसार प्रभावित विकासखण्ड इस प्रकार हैं

क्र0सं0 वार्षिक भूजल स्तर में गिरावट की रेंज (से0मी0/वर्ष) प्रभावित विकासखण्डों की संख्या
1. 1-10 350
2. >10-20 147
3. >20-30 119
4. >30-40 42
5. >40-50 14
6. >50-60 6
7. >60 41
8. योग 718
9. विकासखण्डों की संख्या जहाँ भूजल स्तर स्थिर है अथवा चढ़ाव की स्थिति परिलक्षित हो रही है। 102
10. प्रदेश में कुल विकासखण्ड 820
प्रमुख शहरों में वार्षिक भूजल स्तर गिरावट

प्रमुख शहरों में भी अतिदोहन के कारण भूजल स्तर में प्रतिवर्ष भारी गिरावट रिकार्ड की गयी है। कई शहरों में तो यह गिरावट औसतन 0.4 मी0 से लगभग 1.0 मी0 प्रतिवर्ष की दर से हो रही है, जो एक भयावह स्थिति है।

क्र0सं0 शहर का नाम वार्षिक भूजल स्तर में गिरावट (से0मी0/ वर्ष)
1. मेरठ 91
2. गाजियाबाद 79
3. जी0बी0 नगर (नोयडा) 76
4. लखनऊ 70
5. वाराणसी 68
6. कानपुर 65
7. इलाहाबाद 62
8. मुज़फ्फरनगर 49
9. आगरा 45
10. जौनपुर 37
प्रदेश में प्रमुख भूजल समस्याएँ

विभिन्न अध्ययन निष्कर्षों के आधार पर प्रमुख चुनौतियों के रूप में प्रदेश में निम्नानुसार चार प्रमुख समस्याएँ चिन्हित की गयी हैं

  • अनेक क्षेत्रों (ग्रामीण/शहरी) में अनियंत्रित दोहन के परिणामस्वरूप भूजल स्तर में व्यापक गिरावट होने से भूजल संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित।
  • नहर समादेश क्षेत्र के अन्तर्गत उथले भूजल स्तर (0-3 मीटर) वाले क्षेत्रों में जल प्लावन की स्थिति उत्पन्न होने से कृषि उत्पादकता पर विपरीत प्रभाव।
  • अनेक ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में रसायनिक व बैक्टीरियोलाजिकल प्रदूषण के कारण भूजल गुणवत्ता प्रभावित होने से सुरक्षित, शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल तथा सुरक्षित सिंचाई जलापूर्ति की समस्या।
  • बुन्देलखण्ड-विन्ध्यन क्षेत्र में भूजल उपलब्धता की कमी एवं वर्षा जल के अत्यधिक रन-आफ होने से भूजल रिचार्ज की समस्या।